{"href":"https://api.simplecast.com/oembed?url=https%3A%2F%2Fworkmob.simplecast.com%2Fepisodes%2Fbablesh-gupta-school-teacher-zlu8ije4","width":444,"version":"1.0","type":"rich","title":"शिक्षक का दर्जा सबसे बड़ा है, शिक्षक ही समाज की आधारशिला है। सुनिए शिक्षिका Bablesh Gupta की कहानी","thumbnail_width":300,"thumbnail_url":"https://image.simplecastcdn.com/images/593f08ec-6799-4421-b3bb-d4467d4d5b1b/456eb680-4651-4e06-aefa-5c7854235019/bablesh-gupta-podcast-thumb.jpg","thumbnail_height":300,"provider_url":"https://simplecast.com","provider_name":"Simplecast","html":"<iframe src=\"https://player.simplecast.com/63cf2e2b-ed30-4314-8546-e7e5cd6703b7\" height=\"200\" width=\"100%\" title=\"शिक्षक का दर्जा सबसे बड़ा है, शिक्षक ही समाज की आधारशिला है। सुनिए शिक्षिका Bablesh Gupta की कहानी\" frameborder=\"0\" scrolling=\"no\"></iframe>","height":200,"description":"सुनिए एक शिक्षिका बबलेश गुप्ता के जीवन की प्रेरक कहानी।बबलेश गुप्ता बीते कई सालों से उदयपुर शहर के देवाली स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक शिक्षिका के रूप में  कार्यरत है और अपनी सेवाएं दे रही है। बबलेश गुप्ता का जन्म सिरोही जिले के एक छोटे से गांव स्वरूपगंज में हुआ था।इनकी परवरिश एक सामान्य परिवार में हुई। बबलेश गुप्ता ने शुरुआत में अपनी ज़िन्दगी में ज़्यादा कुछ नहीं चाहा था। पढ़ाई में दिलचस्पी थी, इसीलिए ये अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती थी। लेकिन जैसा की हम सभी जानते है कि पूरे दुनिया में अभी भी लोगों में महिला-पुरुष के प्रति रूढ़िवादी सोच कायम है। और इसी कारण उस वक़्त भी पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं को ज़्यादा पढ़ाई-लिखाई करने की आज़ादी नहीं थी। ऐसे में इनके आगे  पढ़ने और नौकरी करने के फैसले पर भी विरोध के स्वर गूंजने लगे थे। लेकिन फिर भी इन्होंने सभी के खिलाफ जाकर अपनी पढाई जारी रखी और कुछ वक़्त तक प्राइवेट स्कूल में नौकरी करने के उपरान्त  सरकारी स्कूल में एक शिक्षिका के रूप में इन्हें नियुक्ति मिली। यही से इनके जीवन की एक नयी शुरुआत हुई।  "}