{"href":"https://api.simplecast.com/oembed?url=https%3A%2F%2Fworkmob.simplecast.com%2Fepisodes%2Fkusum-paliwal-teacher-OOqmLOmt","width":444,"version":"1.0","type":"rich","title":"हार या जीत ये बाद की बात है, मगर हम कोशिश भी ना करें ये ग़लत बात है। शिक्षिका Kusum Paliwal की कहानी","thumbnail_width":300,"thumbnail_url":"https://image.simplecastcdn.com/images/593f08ec-6799-4421-b3bb-d4467d4d5b1b/61a112a0-cfc9-443b-a0f9-fe1d1d7b1c40/kusum-paliwal-pc.jpg","thumbnail_height":300,"provider_url":"https://simplecast.com","provider_name":"Simplecast","html":"<iframe src=\"https://player.simplecast.com/07904d9a-f86d-4ade-ae35-6f5e2ff65b3c\" height=\"200\" width=\"100%\" title=\"हार या जीत ये बाद की बात है, मगर हम कोशिश भी ना करें ये ग़लत बात है। शिक्षिका Kusum Paliwal की कहानी\" frameborder=\"0\" scrolling=\"no\"></iframe>","height":200,"description":"सुनिए राजसमंद की रहने वाली कुसुम पालीवाल के जीवन की प्रेरक कहानी। कुसुम पेशे से एक शिक्षिका है और विगत 10 सालों से बतौर शिक्षिका अपनी सेवाएं दे रही है। वर्तमान में ये आलोक स्कूल में कार्यरत है। कुसुम मानती है कि शिक्षण पेशा एक महिला के लिए सबसे अच्छा पेशा है। यही सोचकर इन्होंने भी अपनी बीए और बीएड की डिग्री लेने के बाद बतौर शिक्षिका अपने करियर की शुरुआत की और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज इस पेशे में काम करते करते एक दशक हो गया है। अपने इतने वर्षों के काम के दौरान इन्होंने हमेशा अपनी ज़िम्मेदारियों को समझा और उन्हें ईमानदारी से पूरा किया है। ये अपने पेशेवर जीवन में बेहतर काम रही है और काम करने के साथ-साथ अपनी ज़िन्दगी के हर पल का आनंद ले रही है और हँसते मुस्कुराते हुए अपना जीवन ख़ुशी से जी रही है।\n"}