{"href":"https://api.simplecast.com/oembed?url=https%3A%2F%2Fworkmob.simplecast.com%2Fepisodes%2Fsher-singh-chauhan-government-school-headmaster-66YBBwOo","width":444,"version":"1.0","type":"rich","title":"शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए बेहतर कार्य करने वाले Headmaster। सुनिए Sher Singh Chauhan की कहानी","thumbnail_width":300,"thumbnail_url":"https://image.simplecastcdn.com/images/593f08ec-6799-4421-b3bb-d4467d4d5b1b/3b43637c-fa4e-40b8-ab82-1b446d1f6c83/sher-singh-chauhan-podcast-thumb.jpg","thumbnail_height":300,"provider_url":"https://simplecast.com","provider_name":"Simplecast","html":"<iframe src=\"https://player.simplecast.com/2f5d2e72-4a59-4e0f-aeae-522d9e593a50\" height=\"200\" width=\"100%\" title=\"शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए बेहतर कार्य करने वाले Headmaster। सुनिए Sher Singh Chauhan की कहानी\" frameborder=\"0\" scrolling=\"no\"></iframe>","height":200,"description":"सुनिए एक परोपकारी प्रधानाध्यापक शेर सिंह चौहान के जीवन की प्रेरक कहानी। आपको बतादें शेर सिंह चौहान वर्तमान में एक सरकारी विद्यालय में प्रधानाध्यापक हैं। इनके इस सफर की शुरुआत हुई थी राजस्थान के जालोर के सायला गाँव से, जहां इनका जन्म हुआ। अपनी स्कूली शिक्षा इन्होंने मयूर चोपासनी स्कूल, जोधपुर से प्राप्त की। फिर बीएन कॉलेज, उदयपुर से बी.कॉम और एम.कॉम किया। ये बीएन कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष भी थे। 1993 में शेर सिंह को पहली पोस्टिंग उदयपुर के परोला गांव के एक प्राइमरी स्कूल में मिली। वहां रहते हुए इन्होंने महसूस किया कि ग्रामीण क्षेत्रों के आदिवासी बहुल इलाकों में संसाधनों की कमी है। इसके बाद ये अलग-अलग जगहों पर तैनात किये गए। जब इन्होंने ये महसूस किया कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधनों की कमी के कारण सरकारी शिक्षकों को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इन्होंने छात्रों और शिक्षकों के लाभ के लिए काम करने और उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए राजस्थान शिक्षक और पंचायती राज कर्मचारी संघ का गठन किया और 2004 में इसके जिलाध्यक्ष बने और शिक्षा के क्षेत्र में जो भी कमियां थीं, सुविधाओं और संसाधनों की कमी थी, उनके लिए शेर सिंह ने दानदाताओं से संपर्क करके वह चीजें उपलब्ध कराईं।"}